राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। राजस्थान हाई कोर्ट की एकल पीठ ने इस भर्ती को रद्द करते हुए साफ कहा कि कानून व्यवस्था का जिम्मा ऐसे लोगों को नहीं दिया जा सकता, जो गलत तरीके से चयनित हुए हों। कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है, वहीं हजारों अभ्यर्थियों के लिए फिर से मौका मिलने की उम्मीद जगी है।
कोर्ट ने भर्ती रद्द कर दोबारा परीक्षा का दिया आदेश
यह फैसला हाई कोर्ट के न्यायाधीश समीर जैन की बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि जुलाई 2024 में निकाली गई नई भर्ती में 2021 की रद्द हुई भर्ती के सभी 859 पदों को जोड़ा जाए और संयुक्त रूप से फिर से परीक्षा आयोजित की जाए। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 14 अगस्त को अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है।
पेपर लीक बना रद्दीकरण की वजह
सितंबर 2021 में आयोजित हुई इस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और अन्य गंभीर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। जांच में सामने आया कि परीक्षा का पेपर जयपुर के हसनपुरा क्षेत्र स्थित एक स्कूल – रवींद्र बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल – से लीक हुआ था। स्कूल के प्रिंसिपल और परीक्षा केंद्र के अधीक्षक राजेश खंडेलवाल को इस मामले का मुख्य आरोपी माना गया। इस घोटाले में अब तक 122 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के दो सदस्य और 54 पहले से चयनित थानेदार (SI ट्रेनिंग पर चल रहे) भी शामिल हैं।
अभ्यर्थियों के आंकड़े
इस परीक्षा के लिए करीब 7.97 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 3.80 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच आयोजित की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2021 में लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 20,359 उम्मीदवार पास हुए और फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाए गए। फिजिकल और इंटरव्यू की प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप से 3291 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।

अब आगे क्या?
अब कोर्ट के आदेश के अनुसार, जुलाई में घोषित नई भर्ती के साथ 2021 की रद्द की गई भर्ती के सभी पदों को मिलाकर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे जहां एक ओर भ्रष्ट तरीके से चयनित लोगों पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष मौका मिलेगा।
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इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह उन लाखों युवाओं के लिए सकारात्मक संदेश है जो कड़ी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं और न्याय की उम्मीद करते हैं।









