Shardiya Navratri 2025 Day 1: जम्मू-कश्मीर में कड़े बहुस्तरीय सुरक्षा इंतज़ामों के बीच नौ दिन तक चलने वाला शारदीय नवरात्रि महोत्सव धार्मिक उल्लास और हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया है। इस दौरान प्रतिदिन 45 हज़ार से अधिक श्रद्धालु श्री माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB), जो यात्रा का प्रबंधन करता है, ने नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की अपेक्षित भारी भीड़ को देखते हुए कटरा रेलवे स्टेशन पर नए पंजीकरण काउंटर शुरू किए हैं ताकि यात्रा की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।
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कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम को देशी और विदेशी फूलों से सजाया गया है। साथ ही भवन क्षेत्र में बड़े पंडाल भी सजाए गए हैं।
क्यों कहा जाता है शारदीय नवरात्रि ?
शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो वर्ष में आने वाली दो मुख्य नवरात्रियों में से एक है। यह आश्विन मास (सितंबर–अक्टूबर) में, शरद ऋतु की शुरुआत में मनाई जाती है। इसलिए इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है।
मुख्य बातें:
- इस नवरात्रि में भक्त माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं।
- यह पर्व आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर नवमी या विजयादशमी तक चलता है।
- नौ दिनों तक श्रद्धालु उपवास, भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों के माध्यम से देवी की उपासना करते हैं।
- दसवें दिन को विजयादशमी (दशहरा) कहा जाता है, जो असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है।
महत्व
शारदीय नवरात्रि का समय ऋतु परिवर्तन का होता है, इसलिए इसे शारीरिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए भी खास माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में माँ दुर्गा पृथ्वी पर अपने भक्तों के घर पधारती हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं।
इसे साल की सबसे प्रमुख और व्यापक रूप से मनाई जाने वाली नवरात्रि माना जाता है, खासकर उत्तर भारत में।









