सबंगुअल मेलानोमा एक गंभीर त्वचा कैंसर है जो खासतौर पर नाखूनों के नीचे विकसित होता है। यह बीमारी त्वचा के मेलेनोमा (जो त्वचा कैंसर का सबसे गंभीर रूप है) का एक प्रकार है और इसमें नाखून पर गहरे रंग की धारियाँ या परिवर्तन होते हैं। यदि समय रहते इसे पहचाना और इलाज किया जाए, तो इसके परिणाम बेहतर हो सकते हैं। जानिए इस बीमारी के संकेत, कारण, और उपचार के बारे में।
सबंगुअल मेलानोमा के प्रमुख लक्षण
1. गहरे रंग की धारियाँ या रंग में बदलाव:
सबंगुअल मेलानोमा के सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है नाखून के नीचे एक गहरी काली या भूरे रंग की धारियां होना। अगर यह धारियां आकार में असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है।
2. नाखून में बदलाव:
अगर नाखून टूटने, फटने या विकृत होने लगे तो यह भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है। नाखूनों में बदलाव जैसे दरारें, बेजान होना या पूरी तरह से टूटने के साथ आपको विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
3. नाखून का उठना या अलग होना:
अगर नाखून बिस्तर से ऊपर उठने लगे या नाखून और नाखून बिस्तर के बीच अंतर बढ़ने लगे, तो यह सबंगुअल मेलेनोमा के संकेत हो सकते हैं।
4. नाखून के आस-पास की त्वचा का काला पड़ना (हचिंसन का संकेत):
अगर नाखून के चारों ओर की त्वचा का रंग बदलने लगे, तो यह एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है, जिसे हचिंसन का संकेत कहा जाता है। यह स्थिति भी सबंगुअल मेलानोमा से जुड़ी हो सकती है।
5. नाखून के नीचे गांठ या उभार:
नाखून के नीचे नया उभार या गांठ विकसित होना भी एक लक्षण हो सकता है। यह संकेत देता है कि नाखून के नीचे कोई असामान्य परिवर्तन हो रहा है, जिसे त्वचा विशेषज्ञ द्वारा जांचा जाना चाहिए।
6. खून बहना या अल्सर होना:
अगर नाखून से खून बहने लगे या नाखून पर अल्सर (घाव) बन जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है।
समय पर निदान क्यों महत्वपूर्ण है?
सबंगुअल मेलानोमा का समय पर निदान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका शुरुआती इलाज बेहतर परिणाम दे सकता है। अगर यह बीमारी शुरुआती चरण में पहचानी जाए, तो इसे आसानी से रोका जा सकता है। लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह और भी गंभीर हो सकता है और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।
सबंगुअल मेलानोमा के बारे में जानकारी
यह एक तरह का त्वचा कैंसर है जो नाखून के नीचे विकसित होता है। इसके कारण नाखून में असामान्य रंग परिवर्तन होते हैं, जो इसे सामान्य नाखूनों से अलग दिखाते हैं। सबंगुअल मेलानोमा आमतौर पर नाखून के नीचे गहरे भूरे या काले रंग की धारियों के रूप में दिखता है।
क्या यह कैंसर है?
नाखूनों पर पड़ने वाली काले धारी या रंग में बदलाव जरूरी नहीं कि हमेशा कैंसर का संकेत हो, लेकिन यह एक संभावित चेतावनी हो सकती है। अन्य सामान्य स्थितियों जैसे कि छोटे संक्रमण या चोटों के कारण भी नाखूनों में बदलाव हो सकता है। इसलिए, यदि आपको नाखून में कोई अनियमितता दिखे, तो इसे नजरअंदाज करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
नाखूनों में बदलाव: कैंसर या मामूली बीमारी?
किसी भी तरह के नाखून के बदलाव का इलाज करना जरूरी है, लेकिन यह समझना भी आवश्यक है कि कैंसर के लक्षण समय के साथ बढ़ते हैं और नहीं जाते, जबकि मामूली बीमारी जैसे कि संक्रमण से नाखूनों में परिवर्तन कुछ समय बाद ठीक हो सकते हैं। कैंसर के लक्षण बढ़ते जाते हैं और फैलते हैं, जबकि सामान्य बीमारियों के लक्षण समय के साथ ठीक हो जाते हैं।
इलाज और उपचार
यदि आपको अपने नाखून में कोई भी संदेहजनक बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। त्वचा विशेषज्ञ आपकी समस्या का सही निदान करेंगे और उपचार की योजना बनाएंगे। आमतौर पर, सबंगुअल मेलानोमा का उपचार सर्जरी द्वारा किया जाता है, जिसमें कैंसर ग्रस्त हिस्से को हटा दिया जाता है।
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नाखूनों में बदलावों को नजरअंदाज न करें, खासकर अगर आपके नाखूनों पर गहरे रंग की धारियाँ, गांठ या खून बहने जैसे लक्षण दिखाई दें। सबंगुअल मेलानोमा जैसी गंभीर बीमारी का समय पर निदान और उपचार से बचाव संभव है। यदि आपको कोई भी संदेह हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से जल्द से जल्द परामर्श लें और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।