पूरे भारत समेत विश्वभर में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसके माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इसी क्रम में गांधी मंडेला फाउंडेशन (GMF) ने राजधानी दिल्ली में एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया योग से जुड़ने का संदेश
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के रेड रोड से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि लोगों और देशों को जोड़ने वाली शक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व योग के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ा हुआ दिखाई देता है और यही योग की वास्तविक ताकत है।
उन्होंने कहा कि 21 जून पृथ्वी के कई हिस्सों में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण यह दिन अब विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सवों में शामिल हो गया है।
दिल्ली के डियर पार्क में आयोजित हुआ विशेष योग शिविर
राजधानी दिल्ली में गांधी मंडेला फाउंडेशन द्वारा सफदरजंग एन्क्लेव के निकट स्थित डियर पार्क में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों योग प्रेमियों ने भाग लेकर विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। विशेषज्ञों ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला तथा स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करते हैं।
अशोक ध्यानचंद सहित कई गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
इस अवसर पर भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी एवं 1975 विश्व कप विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य अशोक ध्यानचंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ कई सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
नंदन कुमार झा ने किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन
गांधी मंडेला फाउंडेशन के सेक्रेटरी जनरल एडवोकेट नंदन कुमार झा ने कार्यक्रम में आए अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न योग आसनों और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी दी गई।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का महत्व
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पहली बार 21 जून 2015 को मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा 27 सितंबर 2014 को इसका प्रस्ताव रखा गया था, जिसे रिकॉर्ड समय में 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ। यह संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक समर्थन पाने वाले प्रस्तावों में से एक माना जाता है।

21 जून को योग दिवस के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ऊर्जा, संतुलन और जागरूकता का प्रतीक माना जाता है।
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आज योग केवल व्यायाम का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सामाजिक समरसता का वैश्विक संदेश बन चुका है। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और विश्व को दिए गए उसके अमूल्य उपहार — “योग, एक जीवनशैली” — की पुनः याद दिलाता है।








