राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG 2026) की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। नागपुर के एक छात्र को पुनर्परीक्षा के लिए भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबूधाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने परीक्षा प्रबंधन और केंद्र आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
22 लाख से अधिक छात्र देंगे पुनर्परीक्षा
पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित की जा रही NEET 2026 पुनर्परीक्षा में देशभर के लगभग 22 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले हैं। परीक्षा से पहले जारी नए एडमिट कार्ड में सामने आई इस तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
नागपुर के छात्र को मिला विदेशी परीक्षा केंद्र
जानकारी के अनुसार, नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्ला ने परीक्षा केंद्र के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे नजदीकी शहरों का चयन किया था। हालांकि, जब पुनर्परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया गया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबूधाबी दर्शाया गया।
छात्र के परिवार का कहना है कि मूल परीक्षा भारत में दी गई थी, ऐसे में अचानक विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित होना समझ से परे है। परिवार ने इसे गंभीर प्रशासनिक गलती बताया है।
पिता ने जताई भविष्य को लेकर चिंता
छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में भी लगातार दिक्कतें आ रही थीं। जब परीक्षा केंद्र की जानकारी सामने आई तो उन्होंने तत्काल NTA हेल्पलाइन और ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने कहा कि उनके बेटे के पास पासपोर्ट तक उपलब्ध नहीं है। यदि समय रहते परीक्षा केंद्र नहीं बदला जाता, तो वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा, जिससे उसका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
NTA ने दिया सुधार का आश्वासन
मामले के सार्वजनिक होने के बाद NTA ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और सत्यापन प्रक्रिया जारी है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि आवश्यक जांच के बाद उम्मीदवार को उसके शहर के अनुरूप नया परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा।
NTA के अनुसार, उम्मीदवार के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और जल्द ही संशोधित केंद्र की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
परीक्षा प्रबंधन पर फिर उठे सवाल
NEET 2026 पहले ही पेपर लीक विवाद के कारण सुर्खियों में रहा है। ऐसे समय में परीक्षा केंद्र आवंटन से जुड़ी इस तरह की घटना एजेंसी की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर की परीक्षा में तकनीकी त्रुटियों को रोकने के लिए मजबूत सत्यापन प्रणाली और बेहतर डिजिटल प्रबंधन आवश्यक है।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
देशभर में लाखों छात्र पुनर्परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे मामलों के सामने आने से अभ्यर्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बन रही है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से पहले किसी भी प्रकार की प्रशासनिक गलती उनके मानसिक दबाव को और बढ़ा सकती है।
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NEET 2026 पुनर्परीक्षा से पहले नागपुर के छात्र को अबूधाबी परीक्षा केंद्र मिलने का मामला परीक्षा संचालन प्रणाली की चुनौतियों को उजागर करता है। हालांकि NTA ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी और प्रशासनिक सटीकता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।







