Monsoon session of parliament 2025: संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। मंगलवार को संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर जोरदार बहस हुई, क्योंकि केंद्र और विपक्ष मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को लेकर आमने-सामने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 7 बजे संसद के किसी एक सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर चल रही बहस में भाग लेने के लिए संबोधन दे सकते हैं।
लोकसभा में इस बहस का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया, जबकि राज्यसभा में बहस की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।
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लोकसभा में बोले अखिलेश यादव, युद्धविराम के फैसले पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने पाकिस्तान के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करने के भारत के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि आखिर किस दबाव में यह सैन्य संघर्ष रोका गया।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्धविराम की घोषणा करनी पड़ी? हमें तो उम्मीद थी कि सरकार खुद ही इसकी घोषणा कर देगी। लेकिन चूंकि उनकी गहरी दोस्ती है, इसलिए सरकार ने अपने दोस्त(डोनाल्ड ट्रंप) से ही युद्धविराम की घोषणा करने को कहा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा?… जो सरकार दावा करती है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद कोई आतंकवादी घटना नहीं होगी..’
संसद में सोमवार से पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर तीन दिवसीय बहस शुरू हुई है, जो गत सप्ताह व्यवधान के कारण टल गई थी। भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंक पर मोदी सरकार की निर्णायक कार्रवाई और करारा जवाब देने की सराहना की है और विपक्ष पर भारतीय सेना की क्षमताओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया है।
वहीं, विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सुरक्षा चूक का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच कथित युद्धविराम के दावे पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने यह भी पूछा कि सुरक्षा एजेंसियां पहलगाम हमले के पीछे मौजूद आतंकियों को पकड़ने में असमर्थ क्यों हैं।









