Bharat Bandh today reason: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बुधवार को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है, जिसमें देशभर से 25 करोड़ से अधिक श्रमिकों के शामिल होने की उम्मीद है। यह हड़ताल सरकारी नीतियों के खिलाफ है, जिनका आरोप है कि वे बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाती हैं, लेकिन श्रमिकों, किसानों और गरीबों को नुकसान पहुंचाती हैं। इस हड़ताल को कई ग्रामीण और कृषि मजदूर संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है।
श्रमिक विरोध क्यों कर रहे हैं?
यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण नौजवानों को रोजगार मिलने में रुकावट आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी विभागों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फिर से नियुक्त किया जा रहा है, जबकि युवा पेशेवरों को मौका नहीं मिल रहा।
यह भी पढ़ें- Breaking: गुजरात के वडोदरा में 43 साल पुराना पुल टूटा, पांच वाहन नदी में गिरे, रेस्क्यू जारी
हड़ताल में कौन-कौन शामिल है?
इस हड़ताल में संगठित और असंगठित क्षेत्र दोनों के श्रमिक शामिल हैं, और किसानों व ग्रामीण मजदूरों की भी मजबूत भागीदारी की उम्मीद है।
राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ईसी के SIR के खिलाफ बिहार बंद में लिया हिस्सा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ महागठबंधन द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ प्रदर्शन में भाग लिया।
यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए किया गया है, जिसे विपक्षी दल जनविरोधी और पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं।
हड़ताल का नेतृत्व करने वाले प्रमुख यूनियनों में शामिल हैं
INTUC, AITUC, CITU, HMS, SEWA, AIUTUC, AICCTU, LPF, UTUC, और TUCC। ये यूनियनें मिलकर श्रम और आर्थिक नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रही हैं।
पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद, वामपंथी पार्टियों से जुड़ी यूनियनें पश्चिम बंगाल के जादवपुर रेलवे स्टेशन में घुस गईं और रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘कॉरपोरेट समर्थक’ नीतियों के विरोध में पदयात्रा भी निकाली।
जादवपुर 8B बस स्टैंड के पास पुलिस बल की भारी तैनाती देखी गई, जहां ‘भारत बंद’ के बावजूद राज्य और निजी बसें चलती रहीं। कई बस ड्राइवरों को सुरक्षा के तौर पर हेलमेट पहने हुए देखा गया।









