बिहार विधानसभा चुनाव में राघोपुर सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। यह सीट न केवल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की पारंपरिक सीट रही है, बल्कि इस बार इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में और भी ज्यादा हलचल देखने को मिल रही थी। कयास लगाए जा रहे थे कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी इसी सीट से चुनावी रण में उतर सकते हैं। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
प्रशांत किशोर ने खुद इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वे जन सुराज अभियान की जिम्मेदारियों में पूरी तरह व्यस्त हैं और चुनाव लड़ने से पार्टी के अन्य उम्मीदवारों की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा, “अगर मैं चुनाव लड़ने जाऊंगा तो 4-5 दिन का नुकसान होगा, जिससे हमारे बाकी प्रत्याशियों को नुकसान हो सकता है। इसलिए पार्टी के हित में यह निर्णय लिया गया है कि मैं अपना मौजूदा कार्य जारी रखूं।”
राघोपुर से चंचल सिंह होंगे जन सुराज के उम्मीदवार
प्रशांत किशोर ने बीते दिन राघोपुर सीट से चंचल सिंह को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा की। उन्होंने उन्हें पार्टी का अधिकृत सिंबल भी सौंप दिया है। यह कदम इस बात को पूरी तरह स्पष्ट करता है कि अब राघोपुर सीट पर सीधा मुकाबला तेजस्वी यादव और जन सुराज के प्रत्याशी चंचल सिंह के बीच होगा।
तेजस्वी यादव भरेंगे नामांकन
दूसरी ओर, राजद नेता तेजस्वी यादव आज राघोपुर से अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वे इस सीट से तीसरी बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पिछली दो बार उन्होंने यहां से जीत दर्ज की थी और इस बार भी वे अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में हैं।
फुलपरास से भी चुनाव लड़ने की अटकलें
हाल के दिनों में यह चर्चा तेज़ थी कि तेजस्वी यादव किसी दूसरी सीट, खासकर मधुबनी जिले की फुलपरास विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि अब यह साफ हो गया है कि वे केवल राघोपुर से ही मैदान में उतरेंगे। समीकरण बदलने के बाद पार्टी ने इसी रणनीति को अपनाया है।
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राघोपुर विधानसभा सीट एक बार फिर बिहार की राजनीति का केंद्र बन चुकी है। जहां तेजस्वी यादव अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने संगठनात्मक कार्यों को प्राथमिकता देते हुए खुद चुनाव मैदान में उतरने से इंकार कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चंचल सिंह के रूप में जन सुराज क्या नया राजनीतिक समीकरण तैयार कर पाता है।









