बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है और इसी क्रम में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद एक और बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे, उन सभी को नया वोटर आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। इस प्रक्रिया की तैयारी शुरू हो चुकी है, हालांकि अंतिम निर्णय मतदाता सूची के अंतिम रूप से प्रकाशित होने और मतदाताओं द्वारा दिए गए फोटो की गुणवत्ता के आधार पर लिया जाएगा।
आखिर नया वोटर आईडी कार्ड क्यों?
नए मतदाता पहचान पत्र का उद्देश्य न केवल मतदाता सूची को अद्यतन करना है, बल्कि वोटर आईडी को और अधिक सुरक्षित व आधुनिक बनाना भी है। इसके साथ ही इससे फर्जी वोटिंग पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। नई आईडी में बेहतर सुरक्षा फीचर और अपडेटेड जानकारी शामिल की जाएगी।
ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन
नया वोटर आईडी कार्ड प्राप्त करने के लिए इच्छुक मतदाता ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
🔹 स्टेप 1: सबसे पहले नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल (NVSP) या बिहार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर जाएं।
🔹 स्टेप 2: अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की मदद से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें या लॉगिन करें।
🔹 स्टेप 3: “New Registration for General Electors” ऑप्शन पर क्लिक करें और फॉर्म-6 भरना शुरू करें।
🔹 स्टेप 4: नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता, संपर्क विवरण और परिजनों की जानकारी सही-सही दर्ज करें।
🔹 स्टेप 5: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
🔹 स्टेप 6: आवेदन सबमिट करें। सबमिट करने के बाद आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिसकी मदद से आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
🔹 स्टेप 7: आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा की जाएगी। सब कुछ सही पाए जाने पर आपका वोटर आईडी कार्ड आपके पते पर भेज दिया जाएगा।
कौन-कौन से दस्तावेज़ होंगे आवश्यक?
नए वोटर आईडी के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- जन्म प्रमाण पत्र – नगर निगम, ग्राम पंचायत या किसी सरकारी संस्था द्वारा जारी।
- पासपोर्ट – वैध भारतीय पासपोर्ट की प्रति।
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र – 10वीं या उससे ऊपर की कक्षा का सर्टिफिकेट।
- सरकारी पहचान पत्र/पेंशन आदेश – केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी आईडी या पेंशन से जुड़ी डिटेल।
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र – जिला मजिस्ट्रेट या समकक्ष प्राधिकारी द्वारा जारी।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र – संबंधित क्षेत्रों में मान्य।
- जाति प्रमाण पत्र – अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए।
- NRC से संबंधित दस्तावेज – उन क्षेत्रों में जहां यह अनिवार्य है।
- परिवार रजिस्टर की प्रति – स्थानीय निकाय से जारी।
- भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र – सरकारी संस्था द्वारा जारी दस्तावेज।
- 1987 से पूर्व का सरकारी पहचान पत्र – सरकार या सार्वजनिक उपक्रम से जारी।
चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता पहचान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे समय रहते अपनी जानकारी सही करें और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें ताकि बिना किसी रुकावट के नया वोटर आईडी कार्ड प्राप्त किया जा सके।
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बिहार चुनाव से पहले मतदाता जागरूकता और पारदर्शिता को लेकर यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।









