मुजफ्फरपुर जिले के सकरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके घरों के पते पर उन लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जो न तो उनके परिवार के सदस्य हैं और न ही गांव के निवासी। खासकर, हिंदू परिवारों के मकानों पर मुस्लिम नाम दर्ज होने से ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी का माहौल है।
एक ही मकान में दो समुदायों के मतदाता?
बताया जा रहा है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय, साहदुल्लाहपुर (बूथ संख्या 223) के मकान संख्या 2, 3, 4, 10, 36, 37, 38, 39, 50, 51 और 56 जैसे कई घरों में ऐसे नाम दर्ज किए गए हैं, जिनका उस स्थान से कोई वास्ता नहीं है। उदाहरण के तौर पर, मकान संख्या 2 में पूनम देवी के साथ लाडली खातून (पति – मो. इस्लाम) का नाम जुड़ा है, जबकि ग्रामीणों के अनुसार गांव में कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहता।
इसी तरह, मकान संख्या 4 में एक हिंदू मतदाता के साथ 4 मुस्लिम नाम, मकान संख्या 10 में एक मुस्लिम नाम, तथा मकान संख्या 56 में 11 मुस्लिम नाम जुड़ गए हैं, जबकि वहां सिर्फ 7 हिंदू वोटर रहते हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई साजिश की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल तकनीकी भूल नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश हो सकती है। स्थानीय निवासी अवधेश ठाकुर, विशंभर ठाकुर, संतोष ठाकुर समेत कई लोगों ने कहा कि यदि किसी और का नाम हमारे मकान में जोड़ दिया गया, तो भविष्य में हमारी संपत्ति पर अवैध दावा भी किया जा सकता है।
एक अन्य मामला मकान संख्या 50 से जुड़ा है, जहां उमेश ठाकुर का परिवार पिछले 20 वर्षों से समस्तीपुर के ताजपुर में रह रहा है और उनका मकान खाली पड़ा है, फिर भी वहां 7-8 मुस्लिम नाम दर्ज कर दिए गए हैं।

फर्जी वोटिंग की आशंका, वोट बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों को आशंका है कि चुनाव के समय इन फर्जी नामों का इस्तेमाल कर फर्जी मतदान कराया जा सकता है। गांव के लोगों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक इस गड़बड़ी को दूर नहीं किया जाएगा, वे मतदान का बहिष्कार करेंगे।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई
इस पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने स्थानीय बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) संतोष बैठा से की थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं वार्ड 5 और 6 की बीएलओ रेणु कुमारी ने भी इस गड़बड़ी पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि यह कैसे हुआ। हालांकि, बीडीओ के निर्देश पर फॉर्म-8 भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे गलत नामों को हटाया जा सके।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की गड़बड़ी दोबारा न हो।
यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान
मुजफ्फरपुर के इस गांव में मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते उचित जांच और सुधार की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो यह मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।









