Landslide on Mata Vaishno Devi route: जम्मू-कश्मीर में मंगलवार (26 अगस्त 2025) को लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने तबाही मचा दी, जिसमें कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई। इनमें माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आए नौ तीर्थयात्री भी शामिल हैं।
लगातार मूसलाधार बारिश ने सिर्फ जम्मू ही नहीं, बल्कि कश्मीर घाटी में भी कहर बरपाया। जम्मू में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलनों की वजह से माता वैष्णो देवी की यात्रा रोक दी गई। कई जगहों पर पुल टूट गए, मोबाइल टावर और बिजली के खंभे तिनकों की तरह गिर गए।
अधिकारियों ने बताया कि दूरसंचार सेवाएं बड़े पैमाने पर ठप हो गईं, जिससे लाखों लोग संपर्क से कट गए और मुश्किलें और बढ़ गईं।
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जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया। दर्जनों पहाड़ी सड़कों को भूस्खलन और बाढ़ ने क्षतिग्रस्त कर दिया। जम्मू आने-जाने वाली कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया।
त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर तक जाने वाला मार्ग तबाही का मंजर पेश कर रहा था। दोपहर करीब 3 बजे पहाड़ का एक हिस्सा धंस गया, जिससे कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
इंदरप्रस्थ भोजनालय, अर्धकुंवारी के पास कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। अधिकारी और बचाव दल लगातार दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। यह हादसा कटरा से मंदिर तक जाने वाले 12 किलोमीटर लंबे पुराने मार्ग के लगभग आधे रास्ते पर हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि इंदरप्रस्थ भोजनालय, अर्धकुंवारी के पास बचाव अभियान चलाया जा रहा है। भूस्खलन ने पुराने मार्ग को अपनी चपेट में लिया।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचने के दो मार्ग हैं, हिमकोटी मार्ग पर यात्रा सुबह से ही बंद थी, जबकि पुराने मार्ग से यात्रा दोपहर 1:30 बजे तक जारी रही। लेकिन भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को अगली सूचना तक पूरी तरह से निलंबित कर दिया।









