NDMC: दिल्ली में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाण-पत्र में सुधार, बच्चे का नाम जोड़ने, घर पर हुए जन्म या मृत्यु का पंजीकरण और विलंबित पंजीकरण जैसी सेवाओं के लिए डिजिटल माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा, एनडीएमसी ने सरकारी पशु चिकित्सालय के लिए ऑनलाइन पालतू पशु सेवा प्लेटफॉर्म और 346 सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी के लिए नई पहल भी शुरू की है।
NDMC की तीन नई पहल शुरू, नागरिकों को क्या होगा फायदा?
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने पालिका केंद्र, नई दिल्ली में तीन नई पहलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य डी.पी. सिंह, सरिता तोमर और अनिल वाल्मीकि सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन पहलों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण सेवा का पूर्ण डिजिटलीकरण, सरकारी पशु चिकित्सालय के लिए ऑनलाइन पालतू पशु सेवा प्लेटफॉर्म और परिषद क्षेत्र के 346 सार्वजनिक शौचालयों को अधिकारियों एवं परिषद सदस्यों द्वारा गोद लेकर उनकी निगरानी करने की योजना शामिल है।
इनका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को सरल बनाना, सरकारी प्रक्रियाओं में कागजी औपचारिकताएं कम करना और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है।
घर बैठे बनवा सकेंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र
एनडीएमसी की नई डिजिटल व्यवस्था से जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र से जुड़ी कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। नागरिक अब प्रमाण-पत्र में संशोधन कराने, बच्चे का नाम दर्ज कराने और घर पर हुए जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। विलंब से होने वाले पंजीकरण की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि बुनियादी नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने बताया कि जरूरी दस्तावेज सही होने पर आवेदक घर बैठे आवेदन करने और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इस बदलाव से आवेदन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाने, प्रतीक्षा समय कम करने और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अस्पतालों और एनडीएमसी के बीच होगा डिजिटल डेटा का आदान-प्रदान
नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अस्पतालों और एनडीएमसी के बीच जन्म-मृत्यु से संबंधित जानकारी का इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान है। अस्पताल यह जानकारी डिजिटल माध्यम से परिषद को भेज सकेंगे। इससे कागजी फॉर्म जमा करने और दस्तावेजों को भौतिक रूप से एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचाने की जरूरत कम होगी।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। पुराने रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए भी लोगों को बार-बार कार्यालय आने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाण-पत्र में बच्चे का नाम ऑनलाइन जोड़ने की सुविधा को आगे बढ़ाते हुए अब इसे अधिक व्यापक डिजिटल सेवा के रूप में विकसित किया गया है।
पालतू पशुओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू
एनडीएमसी ने सरकारी पशु चिकित्सालय की सेवाओं को आसान बनाने के लिए एक ऑनलाइन पालतू पशु सेवा प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। इसका मकसद पालतू पशुओं के मालिकों को पंजीकरण, टीकाकरण और अन्य सेवाओं के लिए अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना है।
इस प्लेटफॉर्म पर कई डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- पालतू पशुओं का ऑनलाइन पंजीकरण
- ओपीडी और टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट बुकिंग
- टीकाकरण की तारीख के लिए स्वचालित रिमाइंडर
- डिजिटल टीकाकरण प्रमाण-पत्र
- ऑनलाइन स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र से जुड़ी सेवाएं
- डिजिटल भुगतान की सुविधा
- पालतू पशुओं के स्वास्थ्य और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड देखने की सुविधा
इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं के प्रबंधन और पशुओं की जिम्मेदार देखभाल से संबंधित जानकारी देने वाले लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) संसाधन भी शामिल होंगे।
डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से पशु मालिक अपने पालतू पशुओं के पंजीकरण, ओपीडी और टीकाकरण का इतिहास आसानी से देख सकेंगे। इससे सेवाओं का प्रबंधन सुविधाजनक होने और दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अस्पताल जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली के 346 सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी करेंगे अधिकारी
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र के 346 सार्वजनिक शौचालयों को अधिकारियों और परिषद सदस्यों द्वारा गोद लेने की पहल शुरू की है। इसके तहत इन शौचालयों की नियमित निगरानी की जाएगी और कमियां मिलने पर सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।
परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि ने कहा कि एनडीएमसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, पर्यटक और अन्य आगंतुक सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए शौचालयों में साफ-सफाई, उचित रखरखाव और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
सफाई से लेकर पानी की उपलब्धता तक होगी जांच
इस निगरानी व्यवस्था के तहत सार्वजनिक शौचालयों में कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- नियमित साफ-सफाई और रखरखाव
- पानी की उपलब्धता
- सैनिटरी उपकरणों का संचालन
- कचरे का समय पर निस्तारण
- दुर्गंध की रोकथाम
- जरूरी उपभोग्य सामग्रियों की उपलब्धता
- आम लोगों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित इस्तेमाल
इस पहल का उद्देश्य केवल सार्वजनिक शौचालयों को चालू रखना नहीं, बल्कि उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक स्थिति में बनाए रखना है। नियमित निगरानी से समस्याओं की पहचान करने और समय पर सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Digital India के तहत नागरिक सेवाओं को आसान बनाने पर जोर
एनडीएमसी की ये तीनों पहल डिजिटल सेवाओं के विस्तार और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार की दिशा में उठाए गए कदम हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र की ऑनलाइन प्रक्रिया से नागरिकों को दस्तावेज संबंधी कामकाज में सुविधा मिल सकती है। वहीं, पशु चिकित्सालय का डिजिटल प्लेटफॉर्म पालतू पशुओं की देखभाल से जुड़ी सेवाओं को आसान बना सकता है।
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इसके साथ ही 346 सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी से स्वच्छता और रखरखाव की व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। अब इन पहलों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि डिजिटल सेवाएं कितनी आसानी से उपलब्ध होती हैं और सार्वजनिक सुविधाओं की निगरानी के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है।









