PESA Act: अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातीय स्वशासन को मजबूत करने और ग्राम सभाओं की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश का पंचायती राज विभाग 16 अक्टूबर 2026 को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। शिमला के मशोबरा स्थित स्टेट पंचायत रिसोर्स सेंटर (SPRC), क्रेगनानो में होने वाले इस कार्यक्रम में पंचायतों के विस्तार से संबंधित अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम, 1996 यानी पेसा (PESA) के प्रावधानों पर राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अनुसूचित क्षेत्रों में नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने और उनकी बिक्री एवं सेवन को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने से संबंधित प्रावधान हैं। इसमें पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं की भूमिका और निर्णय लेने के अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
हिमाचल प्रदेश सरकार का पंचायती राज विभाग इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स (SLMTs) की क्षमता बढ़ाने के लिए कर रहा है। कार्यक्रम में पेसा अधिनियम के संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षक अपने-अपने राज्यों में इस विषय पर आगे प्रशिक्षण देने में सक्षम हो सकें।
कार्यक्रम का आयोजन शिमला जिले के मशोबरा स्थित स्टेट पंचायत रिसोर्स सेंटर, क्रेगनानो में किया जाएगा। इसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन से जुड़े कानूनी प्रावधानों को बेहतर ढंग से समझना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण क्षमता विकसित करना है।
10 पेसा राज्यों के अधिकारी होंगे शामिल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के सभी 10 पेसा राज्यों के अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगे। इनमें शामिल हैं:
- आंध्र प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- गुजरात
- हिमाचल प्रदेश
- झारखंड
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- ओडिशा
- राजस्थान
- तेलंगाना
इन राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से पेसा अधिनियम के प्रावधानों, विशेषकर ग्राम सभा की भूमिका से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर नियंत्रण होगा मुख्य विषय
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख विषय अनुसूचित क्षेत्रों में नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध और उनकी बिक्री तथा सेवन को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने से संबंधित पेसा अधिनियम के प्रावधान हैं।
इसमें यह समझने पर जोर दिया जाएगा कि संबंधित कानूनी व्यवस्था के तहत ग्राम सभाएं किस प्रकार निर्णय लेने की प्रक्रिया में भूमिका निभाती हैं। अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और ग्राम सभा की भूमिका को मजबूत करना इस प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
PESA Act के तहत ग्राम सभाओं की भूमिका पर जोर
पंचायतों का विस्तार अनुसूचित क्षेत्रों तक अधिनियम, 1996 यानी पेसा कानून का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और स्थानीय स्वशासन की भूमिका को मान्यता देना है। इस प्रशिक्षण में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में ग्राम सभाओं के निर्णय लेने के अधिकारों और संबंधित प्रावधानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने से संबंधित विषयों पर जानकारी को आगे प्रसारित करने और प्रशिक्षण गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।









