बिहार की राजधानी पटना से एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। वीवीआईपी जोन पोलो रोड में गुरुवार सुबह एक युवक पर फायरिंग की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह वारदात जेडीयू के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी के आवास के पास हुई, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
लूटपाट के दौरान चलाई गई गोली
घटना गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे की है, जब बाइक पर सवार दो बदमाशों ने एक युवक राहुल पर चार राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि राहुल एक निजी डॉक्टर का ड्राइवर है और वह भी बाइक पर सवार था। बदमाशों ने उसे रोका और सामान मांगा, राहुल ने सामान दे भी दिया, फिर भी बदमाशों ने उस पर गोली चला दी।
बाल-बाल बचा युवक, इलाके में मची अफरा-तफरी
सौभाग्यवश, कोई भी गोली राहुल को नहीं लगी और वह बाल-बाल बच गया। हालांकि इस घटना के बाद पूरे वीवीआईपी क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यह वही इलाका है जहां कई राज्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास स्थित हैं। ऐसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में फायरिंग की घटना ने पुलिस व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही सचिवालय डीएसपी-01 अनु कुमारी समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा बरामद किया है और एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया है। इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

पुलिस की कार्रवाई क्या कहती है?
एसडीपीओ अनु कुमारी ने मीडिया को बताया: “सुबह सूचना मिली कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में फायरिंग की घटना हुई है। मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की गई। राहुल नामक युवक पर गोली चलाई गई थी। खोखा बरामद हुआ है, और अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।”
वीवीआईपी इलाका, फिर भी अपराधी बेखौफ
जिस इलाके में यह वारदात हुई, वहां 24×7 पुलिस गश्त रहती है और जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बावजूद इसके बदमाशों का इस तरह खुलेआम गोली चलाना न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है बल्कि अपराधियों के बढ़ते हौसले को भी उजागर करता है।
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राजधानी पटना के वीवीआईपी इलाके में हुई यह घटना कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। जहां मंत्री और वरिष्ठ अफसर रहते हों, वहां इस तरह की घटना आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भयावह संकेत देती है। अब देखना होगा कि पुलिस जल्द अपराधियों तक पहुंच पाती है या नहीं।








