आयरलैंड क्रिकेट टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज पीटर मूर ने 34 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। मूर का क्रिकेट करियर बेहद खास रहा क्योंकि उन्होंने दो अलग-अलग देशों—जिम्बाब्वे और आयरलैंड—की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला।
दो देशों के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट
पीटर मूर का जन्म 2 फरवरी 1991 को जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भी जिम्बाब्वे से की थी और 26 नवंबर 2014 को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मुकाबले से इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 2016 में टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में भी जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किया।
2019 में उन्हें जिम्बाब्वे टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया, लेकिन जल्द ही उन्होंने नया रास्ता चुना। आयरिश नागरिकता मिलने के बाद मूर ने आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से जुड़ने का फैसला किया और 2023 में ढाका में आयरलैंड के लिए टेस्ट डेब्यू किया।
अंतिम मैच उसी देश के खिलाफ
मजेदार बात यह रही कि पीटर मूर ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला उसी टीम के खिलाफ खेला, जिससे उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी—जिम्बाब्वे। 10 फरवरी 2025 को खेले गए उस टेस्ट में उन्होंने 34 रन (4 और 30) बनाए थे। यह टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हुआ।

करियर पर एक नजर
अपने पूरे करियर में पीटर मूर ने तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 85 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिनमें उन्होंने निम्नलिखित रन बनाए:
- 15 टेस्ट: 734 रन
- 49 वनडे: 827 रन
- 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय: 364 रन
हालांकि वह किसी भी प्रारूप में शतक नहीं बना सके, लेकिन उनके नाम कुल 11 अर्धशतक दर्ज हैं। एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मूर ने कई अहम मौकों पर टीम को संभाला।
संन्यास पर क्या बोले मूर?
संन्यास की घोषणा करते हुए पीटर मूर ने कहा, “दो देशों की राष्ट्रीय जर्सी पहनना मेरे लिए गर्व की बात रही है। क्रिकेट ने मुझे कई अनुभव दिए, और अब समय है कि मैं इस अध्याय को विराम दूं और जीवन के नए सफर की शुरुआत करूं।”
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पीटर मूर भले ही क्रिकेट जगत के सबसे बड़े नामों में शामिल नहीं रहे हों, लेकिन दो देशों की ओर से खेलने और लगातार संघर्ष करते रहने की उनकी कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि खेल सीमाओं से परे एकता और जुनून का प्रतीक भी हो सकता है।









