दिल्ली ब्लास्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भूटान यात्रा के दौरान दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुई भयावह घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह हादसा पूरे राष्ट्र को गहरे आघात में डाल गया है और वे “भारी मन” से भूटान पहुंचे हैं।
पीएम मोदी ने कहा — “रातभर एजेंसियों के संपर्क में रहा, दोषियों को सजा जरूर मिलेगी”
प्रधानमंत्री ने भूटान में एक आधिकारिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी रात दिल्ली में हुई घटना की निगरानी करते रहे। उन्होंने सुरक्षा और जांच एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा और निर्देश दिए कि इस हमले की हर परत खोली जाए।
मोदी ने सख्त शब्दों में कहा, “यह कायराना साजिश भारत को डराने के लिए नहीं थी, बल्कि देश की एकता और सुरक्षा को चुनौती देने का प्रयास था। ऐसे षड्यंत्रकारियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। जांच एजेंसियों को हर संसाधन और अधिकार दिए गए हैं ताकि सच्चाई तक पहुंचा जा सके।”
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना
प्रधानमंत्री ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि “देश इन परिवारों के साथ खड़ा है जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया। हम उनकी पीड़ा को साझा करते हैं।”
मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की और यह भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तीव्र गति से की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को राजनीतिक या अन्य किसी कारणवश संरक्षण नहीं मिलेगा। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी सुराग या सबूत को नजरअंदाज न करें और दोषियों को न्याय के कटघरे तक लाएं।
भूटान यात्रा पर बोले पीएम मोदी — “भारत और भूटान आत्मीय रिश्तों से जुड़े हैं”
भूटान में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत-भूटान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने कहा, “भारत और भूटान के रिश्ते सदियों पुराने हैं। हमारी साझेदारी परस्पर सम्मान, विश्वास और मानवीय मूल्यों पर आधारित है। भारत भूटान के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।”
मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भी भारत का संकल्प अडिग है — “हम न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि आतंक और षड्यंत्र के हर रूप को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएंगे।”
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प्रधानमंत्री के इस बयान को देशभर में राहत और विश्वास का संदेश माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इस त्रासदी को सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मुद्दे के रूप में देख रही है।









