पंजाब के सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा मंगलवार सुबह एक घटनाक्रम में गिरफ्तारी से बच निकले। पुलिस उन्हें एक कथित बलात्कार मामले में हिरासत में लेने पहुंची थी। घटना करनाल के डबरी गांव में उनके एक रिश्तेदार के घर पर हुई।
पटियाला पुलिस की टीम, करनाल पुलिस और तीन एसएचओ स्तर के अधिकारियों के साथ विधायक को पकड़ने पहुंची थी। लेकिन पठानमाजरा एक सफेद एसयूवी में ग्रामीणों और समर्थकों की मदद से फरार हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भागने के दौरान गोली चलने की भी खबर है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कई टीमें मौजूद होने के बावजूद विधायक स्थानीय लोगों की मदद से भाग निकले। अब हम हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर उन्हें ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।’
भागते समय पठानमाजरा की एसयूवी की चपेट में आने से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला और चोट पहुंचाने के लिए एक और एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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यह घटना उस समय हुई जब कुछ घंटे पहले ही पठानमाजरा ने अपनी ही पार्टी की सरकार की बाढ़ राहत कार्यों को लेकर आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि “दिल्ली लॉबी” पंजाब के आंतरिक मामलों में दखल दे रही है।
इस बीच, पटियाला में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि पठानमाजरा के समर्थक उनके पक्ष में धरना या प्रदर्शन कर सकते हैं।
पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि फरार विधायक को पकड़ा जा सके। पठानमाजरा के खिलाफ मंगलवार सुबह ही बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, पठानमाजरा के खिलाफ यह मामला सोमवार शाम भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत दर्ज किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की, ‘हां, उनके खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज हुआ है। पहले से शिकायत की जांच चल रही थी।’
मामले को नया मोड़ देते हुए, एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने बताया कि 26 अगस्त को पीड़िता ने एक नई शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया कि विधायक ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया।
एक वरिष्ठ आप पदाधिकारी ने कहा, ‘शिकायत की जानकारी मिलते ही और गिरफ्तारी के डर से विधायक ने सरकार पर सार्वजनिक हमले शुरू कर दिए।’ मंगलवार सुबह पठानमाजरा सोशल मीडिया पर लाइव आए और दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
उन्होंने कहा, ‘मेरे खिलाफ मुकदमे दर्ज करके वे मुझे चुप नहीं करा सकते। मैं अपने क्षेत्र की जनता की आवाज उठाता रहूंगा। दिल्ली लॉबी असहमति को दबाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी।’








