Elephant Mahadevi: जानवर हमेशा से ही इंसानों के प्रति ईमानदार और उनके सच्चे दोस्त होते हैं। ऐसी ही एक कहानी है महाराष्ट्र के नागपुर के महादेवी हथिनी की। नागपुर की महादेवी हथिनी की कहानी एक भावनात्मक और सामाजिक चेतना जगाने वाली घटना है, जो हाल ही में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
कौन है महादेवी हथिनी?
महादेवी एक बुज़ुर्ग हथिनी है जो नागपुर के एक मंदिर परिसर (या मठ) में वर्षों से रह रही थी। वह न सिर्फ वहां के रीति-रिवाजों और परंपराओं का हिस्सा बन चुकी थी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आस्था और स्नेह का प्रतीक भी थी। लोग उसे मां समान मानते थे, उसे फल-फूल चढ़ाते और उससे आशीर्वाद लेते थे।
क्या है विवाद?
हाल ही में सरकार और वन विभाग द्वारा महादेवी को नागपुर से वनतारा भेजने का निर्णय लिया गया, यह कहते हुए कि उसकी देखभाल अब ठीक से नहीं हो पा रही और उसे बेहतर प्राकृतिक माहौल में शिफ्ट करना जरूरी है।
लेकिन, इस फैसले के बाद से स्थानीय लोगों और नागपुर में भारी जनविरोध देखने को मिला। लोगों ने मौन जुलूस निकाला और पोस्टर-बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए। कुछ ही समय में #SaveMahadevi जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।
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लोगों का कहना है कि महादेवी को जबरदस्ती उसके परिवार से और उस जगह से अलग किया जा रहा है जहां उसने जीवन भर बिताया।
क्यों है यह भावनात्मक मुद्दा?
महादेवी को लोग सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि एक देवी का रूप मानते हैं। वह बच्चों से खेलती थी, बुजुर्गों के पास बैठती थी, और धार्मिक आयोजनों में शामिल होती थी। उसकी आंखों में संवेदना और समझ थी, ऐसा लोगों का मानना है।
Jio पर भी गुस्सा क्यों फूटा?
माना जा रहा है कि जिस नेटवर्क की वजह से या जिनके ऐप/फाउंडेशन से वनतारा प्रोजेक्ट जुड़ा है, उसी को लेकर कुछ लोगों ने Jio और उससे जुड़े संगठनों पर भी नाराजगी जताई, कि उन्होंने स्थानीय भावनाओं को अनदेखा किया।
महाराष्ट्र सरकार की हाई लेवल की मीटिंग
महादेवी को वंतारा रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित किए जाने को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच, महाराष्ट्र सरकार ने इस मुद्दे पर मंगलवार 4 अगस्त को एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में हाथी को वापस राज्य में लाने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार जनता की हर चिंता को गंभीरता से लेगी और माधुरी को वापस लाने की संभावनाओं की जांच करेगी।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की भावनाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि क्षेत्र के विधायकों और सांसदों के साथ बैठक तय की गई है, ताकि कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘हम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इस मुद्दे को लेकर समाज में नाराजगी है और भक्तों के मन में भावना है। हम माधुरी को वापस लाने की संभावनाओं की जांच करेंगे।’









