संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन समाजवादी पार्टी की युवा सांसद प्रिया सरोज ने लोकसभा में जौनपुर की जनता की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। उन्होंने रेल मंत्री का ध्यान जिले के बस सिटी रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति की ओर खींचते हुए वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
प्रिया सरोज ने कहा कि बस सिटी रेलवे स्टेशन एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां से बड़ी संख्या में यात्री जौनपुर, प्रयागराज और अन्य शहरों की ओर यात्रा करते हैं। बावजूद इसके, स्टेशन पर यात्रियों के लिए न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है, न ही पीने के लिए साफ पानी, और न ही शौचालय जैसी अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने मांग की कि स्टेशन का अविलंब विकास किया जाए ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और रेलवे को भी आर्थिक लाभ हो।
शिक्षा अधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप
अपने भाषण में प्रिया सरोज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय का तीखा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 21ए — जो प्रत्येक बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है — का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।

महिलाओं की शिक्षा और बेरोजगारी पर चिंता
प्रिया सरोज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही महिलाओं की साक्षरता दर चिंताजनक रूप से कम है और हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार लगभग 28 लाख बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो इससे न केवल बच्चों की शिक्षा बाधित होगी बल्कि लगभग ढाई लाख शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी बेरोजगारी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
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सपा सांसद ने केंद्र सरकार से भी आग्रह किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और उत्तर प्रदेश सरकार को जनविरोधी निर्णय वापस लेने का निर्देश दे। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि स्कूलों को बंद करने की बजाय उन्हें बेहतर संसाधन दिए जाएं।









