बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने चुनावी मोर्चा और तेज कर दिया है। पार्टी ने सोमवार को दूसरी आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी कर दी, जिसमें 65 और प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। इस सूची में कई महत्वपूर्ण और चर्चित सीटों से उम्मीदवार उतारे गए हैं, जिससे साफ हो गया है कि जन सुराज राज्य के हर कोने में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतर चुकी है।
इन सीटों से ये होंगे जन सुराज के उम्मीदवार:
- बड़हरिया (सिवान) – डॉ. शाहनवाज आलम
- भागलपुर – अभयकांत झा
- शिवहर – नीरज सिंह
- नरकटिया – लालाबाबू यादव
- कल्याणपुर – मंतोष सहनी
- संदेश – राजीव रंजन सिंह
- बाजपट्टी – आजम अनवर हुसैन
- हरलाखी – रत्नेश्वर ठाकुर
- नरपतगंज – जनार्दन यादव
- इस्लामपुर – तनुजा कुमारी
चर्चित चेहरे और सामाजिक संतुलन
इस सूची में सिवान के चर्चित चिकित्सक डॉ. शाहनवाज आलम का नाम विशेष रूप से ध्यान खींचता है, जो लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। पार्टी ने इस बार जातीय और सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा है — ब्राह्मण, यादव, मुसलमान, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधियों को टिकट देकर जन सुराज ने अपने समावेशी राजनीति के एजेंडे को आगे बढ़ाया है।

पार्टी के तेवर सख्त, लक्ष्य बड़ा
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पार्टी पुरानी राजनीतिक पार्टियों के विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। वे लगातार राज्यभर में जनसंवाद यात्राएं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए जनता से सीधा जुड़ाव बनाने में जुटे हुए हैं।
हाल की सूची से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी ने क्षेत्रीय लोकप्रियता और जनसेवा के अनुभव को टिकट देने का मुख्य आधार बनाया है। कई उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों और जन समस्याओं को लेकर मुखर रहे हैं।
अभी और नाम आने बाकी
पार्टी की ओर से यह संकेत भी दिया गया है कि आने वाले दिनों में और कई महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया जाएगा। पार्टी की पहली सूची पहले ही जारी हो चुकी है।
यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव: बीजेपी विधायक ने चुनाव न लड़ने का किया ऐलान
जन सुराज की दूसरी सूची से साफ है कि पार्टी पूरे राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर रही है और हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मैदान में उतरे ये नए चेहरे जनता का कितना विश्वास जीत पाते हैं और क्या प्रशांत किशोर की यह नई राजनीतिक पहल बिहार की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी।









