बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की आवेदन प्रक्रिया अब अपने आखिरी चरण में पहुंच रही है। ऐसे में जो महिलाएं अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाईं हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका साबित हो सकता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के जरिए आर्थिक मजबूती देना है।
राज्य सरकार की इस पहल के तहत योग्य महिलाओं को किस्तों में 10 हजार रुपये से लेकर 2 लाख 10 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ ले चुकी हैं और कई महिलाओं ने इससे छोटे व्यवसाय शुरू कर अपनी आमदनी बढ़ाई है।
लाखों महिलाओं को मिल चुकी है सहायता
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। सितंबर में योजना की पहली किस्त जारी की गई थी, जिसके बाद अक्टूबर में करीब 25 लाख नई महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी गई। सरकार के अनुसार अब तक करोड़ों महिलाओं के बैंक खातों में राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
इस आर्थिक मदद से कई महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, किराना स्टोर और अन्य छोटे काम शुरू किए हैं। सरकार का लक्ष्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्थायी और टिकाऊ रोजगार से जोड़ना भी है।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
इस योजना के लिए आवेदन करना काफी सरल रखा गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपने नजदीकी स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
- शहरी इलाकों में रहने वाली महिलाएं VO या ALF के जरिए आवेदन कर सकती हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य है। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता और समूह से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जाता है। सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन स्वीकार किया जाता है और सहायता राशि अलग-अलग चरणों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
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कब तक कर सकते हैं आवेदन?
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 तय की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तारीख के बाद नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अंतिम तिथि के बाद सभी आवेदनों की जांच कर आगे की भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी।









