UP govt hikes sugarcane price: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार खुशखबरी लाई है। किसानों के हित में एक बड़े कदम के रूप में, राज्य सरकार ने बुधवार को आगामी 2025-26 गन्ना पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य सलाहकार मूल्य (SAP) 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही, अब सामान्य किस्म के गन्ने का भाव 390 रुपये प्रति क्विंटल और उन्नत किस्म का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
यह वृद्धि योगी आदित्यनाथ सरकार के 2017 में सत्ता में आने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। कुल मिलाकर, सरकार ने अब तक गन्ने का SAP 85 रुपये बढ़ाया है।
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आगामी वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों से कुछ महीने पहले लिए गए इस फैसले से सत्तारूढ़ भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में, जहां गन्ना उत्पादक किसानों और मिलों की संख्या अधिक है, राजनीतिक रूप से लाभ मिल सकता है।
निर्णय की घोषणा करते हुए गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि इस बढ़ोतरी से लगभग 46 लाख किसानों को लाभ होगा और साथ ही राज्य सरकार की शक्कर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासों को भी गति मिलेगी।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है। केंद्रीय मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने की मिठास और किसानों की मेहनत दोनों को सम्मान दिया है! मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद!’
लखनऊ में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि नए दरें 2025-26 पेराई सत्र के लिए लागू होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करना है।
पिछले सात वर्षों में राज्य में गन्ने की कीमतों में कुल 85 रुपये प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। वर्तमान में महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह दर 355 रुपये प्रति क्विंटल है। इस नवीनतम संशोधन के साथ, उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के खातों में अतिरिक्त 3,000 रुपये करोड़ जमा करेगी।
मंत्री के प्रमुख बिंदु
पिछली सरकारों ने बेचीं शुगर मिलें
मंत्री ने कहा, ‘वर्तमान में राज्य में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। पिछली सरकारों ने शुगर उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया था। शुगर मिलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया था। योगी सरकार के तहत शुगर सेक्टर में 12,000 रुपये करोड़ का निवेश किया गया है। पिछले आठ वर्षों में चार नई मिलें खोली गईं, जबकि छह बंद मिलों को फिर से शुरू किया गया। इसके अलावा 42 मिलों की क्षमता में विस्तार किया गया है।’
गन्ना उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर
लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, ‘सरकार ने 2017 में 10 रुपये , 2021–22 में 25 रुपये, 2023–24 में 20 रुपये, और अब 30 रुपये की वृद्धि की है। इस बार पैदावार भी अच्छी है। पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर बना हुआ है, और भगवान की कृपा से इस साल भी रहेगा।’
उन्होंने आगे बताया कि पिछले आठ वर्षों में सरकार ने गन्ना किसानों को 2,90,255 रुपये करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान किया है, जबकि 2007 से 2017 के बीच केवल 1,47,346 रुपये करोड़ का भुगतान हुआ था। इसका मतलब है कि योगी सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में 1,42,879 रुपये करोड़ अधिक भुगतान किया है।









