बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने सियासी तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है। अब तक मिले संकेतों में NDA स्पष्ट रूप से बढ़त बनाए हुए है और 243 सीटों वाली विधानसभा में 190 से अधिक सीटों पर आगे चलकर सरकार बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाता दिखाई दे रहा है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन रुझानों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू प्रभावशाली प्रदर्शन करती दिख रही है। वहीं भाजपा भी बड़ी संख्या में सीटों पर आगे चलकर एनडीए की स्थिति को और मजबूत कर रही है। दूसरी ओर महागठबंधन के लिए ये रुझान चिंता बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं, जहाँ आरजेडी और कांग्रेस दोनों अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में नजर आ रहे हैं।
दो चरणों में हुए मतदान के बाद राज्यभर के 46 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भाजपा 84 सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। जेडीयू 75 सीटों पर आगे है, जबकि लोजपा (रामविलास) 23 सीटों पर बढ़त के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती दिख रही है।
महागठबंधन की बात करें तो आरजेडी 35 सीटों पर आगे है और कांग्रेस 7 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है, लेकिन फिलहाल सत्ता का समीकरण एनडीए के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है।
चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआती नतीजे इस ओर संकेत करते हैं कि “ज्ञानेश कुमार की भूमिका ने बिहार की जनता को प्रभावित किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह मुकाबला राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि “ज्ञानेश कुमार और देश की जनता” के बीच की लड़ाई जैसा प्रतीत हो रहा है।
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फिलहाल सभी की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि 2025 में बिहार की सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी।









