WhatsApp New Rule: व्हाट्सएप (WhatsApp) एक बड़े नीति बदलाव की तैयारी कर रहा है, जो प्लेटफ़ॉर्म पर यूज़र्स और बिज़नेस के बीच संचार के तरीके को बदल सकता है। मेटा (Meta), जो व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी है, ने घोषणा की है कि वह ऐसे लोगों को भेजे जाने वाले संदेशों की संख्या पर सीमा लगाएगी जो जवाब नहीं देते। यह कदम पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हुए स्पैम और बल्क मैसेजिंग को कम करने के लिए उठाया जा रहा है।
कंपनी आने वाले हफ्तों में इस नई नीति को कई देशों में लागू करने जा रही है। मेटा के अनुसार, किसी ऐसे संपर्क को भेजा गया हर संदेश जिसने जवाब नहीं दिया है, सेंडर के मासिक कोटा में गिना जाएगा। हालांकि, इस कोटा के तहत भेजे जा सकने वाले संदेशों की सटीक संख्या का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
यह नई नीति मुख्य रूप से उन यूज़र्स और बिज़नेस पर असर डालेगी जो बार-बार बिना जवाब वाले या अनचाहे संदेश भेजते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई यूज़र किसी व्यक्ति को कई बार संदेश भेजता है लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिलता, तो वे सभी संदेश सीमा में गिने जाएंगे। मेटा ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सामान्य व्यक्तिगत बातचीत को प्रभावित नहीं करेगा, जैसे जब कोई अपने दोस्तों या परिवार को कभी-कभार संदेश भेजता है।
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व्हाट्सएप, जिसके दुनिया भर में तीन अरब से अधिक यूज़र्स हैं, लंबे समय से स्पैम और अवांछित संदेशों को नियंत्रित करने में संघर्ष कर रहा है। राजनीतिक अभियान, मार्केटिंग कंपनियां और ठग समूहों ने इस ऐप का उपयोग बड़ी मात्रा में अनचाही सामग्री भेजने के लिए किया है। मेटा ने पहले भी कई प्रयास किए हैं। जैसे मैसेज फ़ॉरवर्ड करने की सीमा तय करना और संदिग्ध संदेशों की रिपोर्टिंग टूल्स देना, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
यूज़रनेम फीचर और स्पैम पर नियंत्रण
यह नया कदम मेटा की उस कोशिश का हिस्सा है जिसमें वह वास्तविक बातचीत और स्पैम जैसी गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करना चाहता है। इसके साथ ही, व्हाट्सएप जल्द ही यूज़रनेम फीचर भी पेश करने जा रहा है, जिससे यूज़र्स अपना फ़ोन नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह अपडेट जहां प्राइवेसी बढ़ाएगा, वहीं इससे स्पैमर्स को बिना पहचान उजागर किए लोगों तक पहुंचने के नए रास्ते भी मिल सकते हैं।









